.. तो बिना कोई ठोस कामकाज के गुजर जाएगा संसद का शीतकालीन सत्र !

नई दिल्ली। संसद के मौजूदा शीतकालीन सत्र में सरकार को वक्त की भारी कमी नजर आ रही है। अब इस सत्र के कुछ ही कामकाजी दिन बचे हैं और विपक्ष ने कई मुद्दों पर सरकार को घेर रखा है। साथ ही, विपक्ष ने तीन तलाक पर पाबंदी लगाने वाले प्रस्तावित विधेयक के ड्राफ्ट, राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग, हिजड़ों के अधिकारों और डिपॉजिट इंश्योरेंस बिल पर अपने मतभेदों को भी सार्वजनिक कर दिया है।

विपक्ष ने राज्यसभा की कार्यवाही बाधित कर रखी है और वह तमाम कामकाज के पहले गुजरात चुनाव के दौरान पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के खिलाफ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की टिप्पणी पर चर्चा के लिए मांग कर रहा है। प्रधानमंत्री ने मनमोहन सिंह पर आरोप लगाया था कि वह गुजरात चुनाव में बीजेपी को हराने और अहमद पटेल को सीएम बनाने के लिए पाकिस्तान के साथ मिलकर साजिश कर रहे हैं।

राज्यसभा में विपक्ष के नेता गुलाम नबी आजाद ने इस मसले पर प्रधानमंत्री से सफाई मांगी है। इस गतिरोध को दूर करने के लिए उपराष्ट्रपति और राज्यसभा के सभापति वेंकैया नायडू की पहल पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच बैठक हुई। इसके बाद भी कुछ अनौपचारिक बातचीत हुई, लेकिन मामला भी अटका पड़ा है।

इस हफ्ते यह मामला खत्म हो जाने की संभावना है, लेकिन 2जी मामले में फैसले से उत्साहित विपक्ष अहम बिलों को पास कराने में सहयोग के लिए तैयार नहीं है। 2जी घोटाले में पूर्व टेलीकॉम मंत्री ए राजा और कनिमोई को क्लीन चिट मिल गई है।
सरकार लोकसभा में बुधवार को मुस्लिम महिला (शादी पर अधिकारों की सुरक्षा) बिल, 2017 को पेश कर सकती है, जिसका मकसद एक बार में तीन तलाक पर पाबंदी लगाना है।

हालांकि, विपक्ष को बिल में तीन तलाक के जरिये पत्नी से अलग होने वाले शख्स के लिए तीन साल की सजा के प्रावधान पर ऐतराज है। विपक्षी पार्टियों के साथ कुछ एनजीओ और कार्यकर्ता भी इसे आपराधिक गलती बनाने के खिलाफ हैं। अनुसूचित जाति और जनजाति की कमेटी की तर्ज पर राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग को भी संवैधानिक दर्जा देने वाले नए संविधान संशोधन बिल को इसी सत्र में संसद में पेश किया जाएगा। संविधान (123वां संशोधन) बिल 2017 राज्यसभा में खारिज हो गया था।

सरकार से विरोध के बावजूद एकजुट विपक्ष द्वारा आयोग की संरचना से जुड़े कुछ संशोधनों को पास किए जाने के कारण ऐसा हुआ था। हिजड़ों के अधिकारों से जुड़े बिल को लेकर भी कई अड़चने हैं। हालांकि, सामाजिक न्याय और अधिकारिता से जुड़ी स्थायी समिति ने इस साल जुलाई में अपनी रिपोर्ट सौंप दी थी। वित्तीय समाधान और जमा बीमा बिल, 2017 को भी लोकसभा में पेश किए जाने पर विपक्ष इसका विरोध करेगा। बीजेपी सांसद विनय सहस्रबुद्धे की अगुवाई वाली राज्यसभा की सिलेक्ट कमिटी मोटर वीइकल (संशोधन) बिल पर अपनी रिपोर्ट बुधवार को सौंपेगी।

इस बिल के इसी सत्र में पास होने की संभावना है।
संसद का शीतकालीन सत्र 15 दिसंबर को शुरू हुआ था और इसके खत्म होने में एक तरह से लगभग सप्ताह भर का कामकाजी दिन बचा है। दो शुक्रवार (29 दिसंबर 2017 और 5 जनवरी 2018) को सिर्फ प्राइवेट मेंबर्स बिल को लिया जाएगा और 1 जनवरी 2018 को नए साल का पहला दिन होने के कारण ज्यादा काम होने की संभावना नहीं है।

संसद का सत्र 5 जनवरी को खत्म हो जाएगा। संसद सत्र में ज्यादा कामकाज नहीं होने को लेकर सरकार पहले ही विपक्ष को जिम्मेदार ठहरा चुकी है और इस बात के संकेत हैं कि अगले कुछ दिनों में वह फिर अपने रुख को दोहराएगी। अब तक जो बिल पास हुए हैं, वे रूटीन विधेयक हैं। मोटर ह्वीकल बिल को छोड़कर तमाम बिलों को स्थायी समिति के पास भेजना होगा या विपक्ष इसे बाधित करेगा। ऐसे में संसद का यह बेहद छोटा सत्र शायद बिना किसी ठोस कामकाज के ही खत्म हो जाए।

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *